14 मार्च 08, 14:04
Raji chandrasekhar: ऋण बाद्ध्यताएँ, शिक्षा संबंधी बाधाएँ, शत्रु-दोष, बीमारियाँ जैसे सब तरह के दोषों की शांति केलिये 2008 अप्रैल 7 से देवस्थान पर संवत्सर पूजा होनेवाली है ।
14 फ़रवरी 08, 21:07
अविनाश वाचस्पति: इस प्रवृत्ति को क्या कहें मित्रों
14 फ़रवरी 08, 21:05
अविनाश वाचस्पति: चार पन्ने का। बस नाम छपा होना चाहिए और खबर होनी चाहिए ब्लॉग के बारे में ब्लॉगर्स के बारे में।
14 फ़रवरी 08, 21:05
अविनाश वाचस्पति: लिख रहे हैं ब्लॉग नाम देखना चाहते हैं अखबार में कि ब्लॉग के बारे में खबर छपी है तो मेरा नाम मेरे ब्लॉग का नाम तो छपा ही होगा हो सकता है कि फोटो भी मिल जाए‌। अखबार छोटा हो या बड़ा हो एक पन्ने का हो या
13 फ़रवरी 08, 03:25
अजित: संजय जी, बहुत सटीक लेख लिखा है। और खुद के बारोज़गार होने के पीछे एक दलित के होने को बता कर आपने और भी अच्छा किया है। ये जो राग इन दिनों ब्लाग जगत में गाया जा रहा है वह बेसुरा है। सुर हम भी पहचानते हैं
12 फ़रवरी 08, 06:43
संजय: संजय उवाच पर आपका स्‍वागत है. आप अपने संदेश यहां छोड़ सकते हैं.